योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की पूर्ण कला : डॉ. नौटियाल
भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग,बेडपुर में एक दिवसीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यशाला
हरिद्वार। भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल ने कहा, योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। इसे अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करके हम शारीरिक, मानसिक और आत्मिकस्तर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकते हैं।
भारती स्कूल ऑफ नर्सिंग, बेडपुर में भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना से शुरू हुई एक दिवसीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यशाला में मुख्यातिथि डॉ. नौटियाल ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से योग को जन जन तक पहुंचाने की अपील की। परिषद की रजिस्ट्रार नर्वदा गुसाई ने योग में किए जा रहे कार्यों, संचालित पाठ्यक्रमों और शासनस्तर पर प्रेषित प्रस्ताव के बारे में जानकारियां साझा की। साथ ही बताया गया कि भविष्य में भारतीय चिकित्सा परिषद तीन दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन भी करेगी जिसमें योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म आदि चिकित्साओं के बारे में व्याख्यान होंगे और प्रयोगात्मक कार्य भी कराया जाएगा।
डॉ. महेंद्र सिंह राणा ने छात्र-छात्राओं से व्यक्तित्व में ओर अधिक सकारात्मकता लाने का सुझाव दिया। अन्य वक्ताओं ने छात्र छात्राओं को प्राकृतिक चिकित्सा में की जाने वाली विभिन्न थेरेपी और उपचारों के बारे में बताया। इस दौरान उपस्थित छात्र छात्राओं से प्रयोगात्मक कार्य भी कराए गए जिनमें आसन, प्राणायाम, ध्यान आदि आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यशाला में डॉक्टर विनोद नौटियाल, डॉक्टर रजनी नौटियाल, डॉक्टर रविकांत शर्मा ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। इस दौरान संबंधित समस्त छात्र छात्राओं को भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड द्वारा प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। कार्यशाला में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड से प्रदीप सती, संदीप तोपवाल, राहुल सिंह बिष्ट, मनीष जगवान, मयूर यादव, भारती स्कूल आफ नर्सिंग से लवप्रीत सिंह, शेखर आदि उपस्थित रहे।
