उत्‍तर प्रदेश : ‘बेटी पति की थी या फिर पिता की… जांच से होगा साफ

मथुरा के सौंख में असमय मौत का शिकार होने वाली बच्ची अपने पिता की संतान थी या फिर अपने नाना की, यह पता डीएनए जांच से चलेगा। इस बच्ची के शव को आगरा से आई पुलिस ने निकालकर जांच के लिए भिजवा दिया है। एक साल की इस मासूम की गर्म दूध से जलने के कारण हो गई थी।

बच्ची की मां ने आरोप लगाया था कि उसकी बच्ची उसके पति की नहीं बल्कि पिता की औलाद है। पिता उसके साथ जबरदस्ती करता था। आगरा के एक थाना क्षेत्र निवासी युवती की शादी तीन साल पहले मथुरा के एक थाना क्षेत्र निवासी युवक से हुई थी।

शादी के करीब एक साल बाद विवाहिता ने अपने पिता के खिलाफ आगरा के थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसका पिता उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ संबंध बनाता था। इसके चलते वह गर्भवती हुई और एक बच्ची को जन्म दिया। आगरा पुलिस इस मामले में लगातार जांच कर रही थी। यह मामला अब न्यायालय में चल रहा है।

गर्म दूध से झुलस गई थी बच्ची
बच्ची भी एक साल की हो गई थी। इसी साल मार्च महीने में अपने पिता के यहां यह बच्ची गर्म दूध से झुलस गई। हालत गंभीर होने पर बच्ची को जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजन ने बच्ची के शव को हिंदू मान्यताओं के अनुसार जमीन में दफना दिया और अंत्येष्टि कर दी।

कोर्ट ने बच्ची के डीएनए टेस्ट के दिया आदेश

उधर, आगरा में चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बच्ची के डीएनए टेस्ट के आदेश दिए। इसी मामले में आगरा पुलिस बृहस्पतिवार को मथुरा आई और बच्ची के शव को निकालकर जांच के लिए भेजा है। इस मामले में सीओ अनिल कुमार सिंह का कहना है कि आगरा पुलिस मथुरा आई थी। वहां कोर्ट में चल रहे एक मामले में आदेश के बाद बच्ची के शव को गड्ढे से निकालकर पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।