कोटद्वार में नकली दवा की फैक्टरी सीज

देहरादून। उत्तराखंड में नकली दवा बनाने के कारोबारियों पर एसटीएफ का शिकंजा लगातार कसा जा रहा है। एसटीएफ की टीम ने शनिवार को एक और नकली दवा फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई की। फैक्टरी को सीज कर दिया गया।
ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत उत्तराखंड एसटीएफ के स्तर पर एक टीम का गठन कर नकली दवाइयों का कारोबार करने वाले गिरोह की धरपकड़ के लिए कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ टीम ने ब्रांडेड दवा कंपनियों की जीवन रक्षक दवाइयों की नकल कर दवाइयां तैयार कर ऑनलाइन विक्रय करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।
शनिवार को सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ टीम ने संबंधित विभागों को साथ लेकर मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रतिष्ठान में छापा मारा। इस दौरान एसटीएफ की टीम ने पाया कि उस फैक्टरी का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में निरस्त किया जा चुका है।
इसके बावजूद परिसर में औषधि निर्माण से संबंधित मशीनें एवं उपकरण पाए गए। मौके से लगभग तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न आकार के 34 पंच उपकरण बरामद किए गए। टीम ने प्रथम दृष्टया प्रकरण में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 तथा फैक्टरी संचालन से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन पाया। एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखण्ड में किसी भी औषधि निर्माण या फैक्टरी के संचालन के लिए सक्षम प्राधिकारी से वैध लाइसेंस, निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनुपालन तथा संबंधित विभागों की अनुमति अनिवार्य होती है। लाइसेंस निरस्त होने के बाद उत्पादन कार्य किया जाना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

आम जनता से अपील है कि किसी भी प्रकार की अवैध औषधि निर्माण इकाई, नकली दवाओं के कारोबार अथवा बिना वैध लाइसेंस संचालित संस्थान की जानकारी तत्काल एसटीएफ अथवा संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं। मानव जीवन एवं स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में इस प्रकार की अवैध गतिविधियां अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं और समाज के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न करती हैं। जनता से अनुरोध है कि औषधियां केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर व विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा दवाओं की गुणवत्ता एवं वैधता के प्रति सजग रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा त्वरित एवं कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
– अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ