पाकिस्तान से करोड़ों के ट्रांजेक्शन पर कलियर की युवती गिरफ्तार
हरिद्वार। पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध आर्थिक लेन-देन मामले में एक संस्था को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बस्ती की पहचान पिरान कलियर क्षेत्र के निवासी नाबालिग के रूप में हुई है, जिसे जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की पुलिस, स्थानीय पुलिस की मदद से अपने साथ लेकर पूछताछ की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, कठुआ पुलिस ने कुछ दिन पहले राहुल खान को एक राज्यपाल नियुक्त किया था। पूछताछ के दौरान शेक का नाम सामने आया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिरान कलियर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव में गुड़िया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
शुरुआती जांच में सामने आया कि सोनम पहले एमए की पढ़ाई कर रही थी और बाद में एक निजी स्कूल में टीचर्स के तौर पर नौकरानी थी। वह कथित तौर पर इकोनोमिक टैंजेक्शन नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़ा हुआ था। पुलिस के दस्तावेज़ों के अनुसार, उसे अलग-अलग बैंक खातों में नकदी जमा करने का कमीशन दिया गया था।
बताया जा रहा है कि एक गुमनाम शख्सियत की पहचान उमर नाम के शख्स से हुई थी। इसके बाद अपनी बातचीत के माध्यम से सिलिकॉन कॉल के माध्यम से आदिल और हाजीब ने लोगों से समझौता कर लिया। दस्तावेज़ दस्तावेज़ का दावा है कि उसे दस्तावेज़ में नेट जमाव और फ़्लोरिडा का काम सौंपा गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रॉपर्टी को हर 30 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन पर करीब 500 रुपये की कमीशन दी गई थी। अब तक करीब 20 लाख रुपये की लेन-देन की जानकारी सामने आई है। जांच पड़ताल इस बात का पता लगाने में कहा गया है कि नेट पाकिस्तान से किन माध्यमों से पूछताछ की जा रही थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पैकेज के अनुसार, डीजेज करीब एक साल से यह स्टूडियो संचालित हो रही थी। पुलिस अब ग्राहकों के संपर्कों, बैंक दस्तावेजों और डिजिटल माध्यमों की गहन जांच कर रही है। साथ ही उस सोसायटी की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिसने आरोपी के कथित नेटवर्क की पहचान की थी। एसपीओस्टिस्ट शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि मामले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस कर रही है और स्थानीय पुलिस हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है।
