डेनमार्क -अमेरिका वार्ता बेनतीजा, जर्मनी और फ्रांस समेत कई नाटो देशों के सैनिक ग्रीनलैंड की मदद को पहुंचे
नुक-न्यूयॉर्क।
डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के
प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद
अब नाटो गठबंधन में ही तनाव दिखने लगा है।
ट्रंप प्रशासन और यूरोपीय सहयोगियों के बीच बुनियादी
मतभेद उजागर होने के बाद फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे औ
स्वीडन सहित कई यूरोपीय देशों के सैनिक आर्कटिक
द्वीप ग्रीनलैंड की सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से वहां पहुंच
रहे हैं। मौजूदा परिस्थिति ऐसी है कि अब यूरोप-
अमेरिका ही आमने-सामने आ गए है।
फ्रांसीस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, सैन्य टुकडि़यां
पहले ही रास्ते में हैं और उनके अलावा अन्य टुकडि़यां
भी जल्द पहुंचने वाली हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों ने
बताया कि पर्वतीय पैदल सैना इकाई के फ्रांसीसी
सैनिक सैन्याभ्यास के लिए पहले ही नुक में मौजूद हैं।
जर्मनी के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि
जर्मनी ने बृहस्पतिवार को ग्रीनलैंड में एक टोही टीम
तैनात कर दी है। डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य
उपस्थिति बढ़ाने की घोषणा की है। जिसमें नाटो
सहयोगी भी शामिल होंगे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई
जब डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों ने बुधवार
को वाशिंगटन में व्हाइट हाउस में प्रतिनिधियों से
मुलाकात की लेकिन दोनों पक्षों में मतभेद बरकरार रहने
से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका। साफ है
कि ट्रंप प्रशासन अब भी ग्रीनलैंड हासिल करने की
जिद पर अड़ा है। उधर, डेनमार्क ने भी व्हाइट हाउस में
अमेरिका विदेश मंत्री के बाद बैठक के बाद स्पष्ट कर
दिया है कि वह तनाव घटाना चाहता है। लेकिन,
भूभागीय अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं
करेगा।
डेनमार्क -ग्रीनलैंड के साथ मजबूती से खड़े हैं यूरोपीय
देश
वॉशिंगटन से जारी तनाव के बीच यूरोपीय देश
डेनमार्क-ग्रीनलैंड के साथ पूरी मजबूती से खड़े होने
का संदेश दे रहे हैं। इसी क्रम में ग्रीनलैंड के उप
प्रधानमंत्री म्युट बी ईग ने बताया, उन्हे उम्मीद है कि
नाटो के सैनिक आज से ही और आने वाले दिनों में
ग्रीनलैंड में ज्यादा उपस्थिति रहेंगे। उन्होंने सैन्य उड़ानों
और भविष्य की तैयारियों के मददेनजर विमानों की
संख्या बढ़ने की भी उम्मीद जताई।
