खेती-बागवानी विकास को केंद्र देगा 3800 करोड़ रुपये

दिल्‍ली में मुख्‍यमंत्री धामी ने की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात, केंद्रीय मंत्री ने दी विभिन्‍न योजनाओं पर सैद्धांतिक सहमति

देहरादून। धामी सरकार ने प्रदेश में कृषि व बागवानी से जुड़ी करीब एक दर्जन योजनाओं के लिए 3800 करोड़ रुपये का प्रस्‍ताव केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार के कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और संबंधित योजनाओं पर सैद्धांतिक मंजूरी दी।

सोमवार को मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने नई दिल्‍ली में केंद्रीय कृषि, ग्राम्‍य विकास एवं किसान कल्‍याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उन्‍होंने प्रदेश की कृषि एवं उससे जुड़ी विभिन्‍न योजनाओं के क्रियावयन एवं विस्‍तार पर चर्चा की। सीएम ने राज्‍य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों की कृषि एवं बागवानी की आवश्‍यकताओं व किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता को राज्‍य सरकार द्वारा तैयार की गई प्रस्‍तावित योजनाओं पर भी चर्चा की। केंद्रीय मंत्री की ओर से करीब 3800 करोड़ की योजनाओं पर सहमति जताने पर सीएम ने कहा कि यह सहयोग राज्‍य के कृषि क्षेत्र को आत्‍मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके अतिरिक्‍त सीएम ने प्रदेश में सेब उत्‍पादन के दृष्टिगत उच्‍च गुणवत्‍ता की नर्सरी, कोल्‍ड स्‍टोरेज, सॉर्टिंग व ग्रेडिंग यूनिट की स्‍थापना, कीवी की बागवानी को बढ़ावा देने, मशरूम के लिए सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस की स्‍थापना और पंतनगर विश्‍वविद्यालय में एग्रो टूरिज्‍म स्‍कूल की स्‍थापना के लिए भी मदद का अनुरोध केंद्रीय मंत्री से किया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सभी प्रस्‍तावों पर हरसंभव सहयोग का आश्‍वासन दिया।

इन योजनाओं पर बनी सहमति
1- राज्‍य में पर्वतीय क्षेत्रों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कृषि बाड़ निर्माण के लिए 1052.80 करोड़ रुपये।
2- प्रदेश में 10000 फार्म मशीनरी बैंक स्‍थापित करने को 400 करोड़ रुपये।
3- पारंपरिक पोषक फसलों को बढ़ावा देने के लिए स्‍टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत 134.89 करोड़ रुपये।
4- बीज उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भरता को राज्‍य को सीड हब के रूप में विकसित करने के लिए पांच करोड़ रुपये।
5- सेब उत्‍पादन को प्रोत्‍साहन, भंडारण और विपणन तंत्र को सुदृढ़ बनाने को 1150 करोड़ रुपये।
6 -नगदी फसलों जैसे कीवी के संवर्धन एवं खेती को वन्‍यजीवों से संरक्षित करने को 894 करोड़ रुपये।
7 –कृषि में नवाचार और स्‍टार्टअप्‍स को बढ़ावा देने के लिए 885.10 करोड़ रुपये।
8 –भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटल सर्वेक्षण को 378.50 करोड़ रुपये।
9 –एग्रीटूरिज्‍म स्‍कूल की स्‍थापना को 14 करोड़ रुपये।
10 –पतंनगर विवि के माध्‍यम से युवाओं को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने को 14 करोड़ रुपये देने की मांग की।