रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए धामी सरकार ने खोले नौकरी के दरवाजे

 

उत्तराखंड में बाघों की सुरक्षा का जिम्मा अब अग्निवीर संभालेंगे

देहरादून। रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए धामी सरकार ने नौकरी के दरवाजे खोल दिए हैं। इंटरनेशनल टाइगर डे पर मुख्‍यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखंड में बाघों की सुरक्षा का जिम्मा अब रिटायर्ड अग्निवीर संभालेंगे।
मंगलवार को धामी ने कहा, टाइगर प्रोटेक्‍शन फोर्स (टीपीएफ) में उन्‍हीं अग्निवीरों को लिया जाएगा जो अपना चार साल का कार्यकाल पूरा कर आए होंगे। कार्बेट टाइगर रिजर्व में स्थापित की जा रही टीपीएफ में उत्तराखंड के अग्निवीरों को सीधी तैनाती दी जाएगी। 80 से अधिक रिटायर्ड अग्निवीरों को फोर्स में भर्ती किया जाएगा। इसका मकसद बाघों और उनकी रिहाइश की सुरक्षा को मजबूत करना है। इससे बाघ संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अवैध शिकार पर भी रोक लगने की संभावना बढ़ जाएगी। टीपीएफ के जवान जंगल में गश्त करेंगे। खुफिया जानकारी जुटाएंगे। शिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। इससे वन्यजीव अपराधों पर नियंत्रण लगेगा। यह फोर्स वन और वन्यजीव से संबंधित लकड़ी की तस्करी, अवैध खनन और  अतिक्रमण पर भी नियंत्रण रखेगी। मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रबंधन में भी सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार बाघ आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष होता है। टीपीएफ ऐसी स्थितियों को संभालने और नियंत्रित करने में प्रशिक्षित होगी। इस फोर्स को ड्रोन, थर्मल इमेजिंग और जीपीएस ट्रैकिंग सरीखी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने कहा, अग्निवीर, सेना में कठोर अनुशासन और प्रशिक्षण से गुजर चुके होते हैं। वे शारीरिक रूप से फीट, मानसिक रूप से मजबूत और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।