इस सत्र से स्‍नातक की पढ़ाई चार साल की

 

नई शिक्षा नीति : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्‍वविद्यालय ने कॉलेजों को जारी किया पत्र

देहरादून। इस सत्र (वर्ष 2025-2026) से स्‍नातक की पढ़ाई चार साल की होगी। नई शिक्षा नीति के तहत हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्‍वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों को पत्र जारी कर दिया है।
बीए, बीकॉम और बीसीए जैसे पाठयक्रमों में बदलाव करते हुए विवि प्रशासन ने जारी पत्र में बताया कि ऑनलाइन https;//online.hnbgu.ac.in पर इसके लिए छात्रों को आवेदन करना होगा। एक साल की पढ़ाई पूरी करने पर छात्रों को सर्टिपिफकेट, दो वर्ष पर डिप्‍लोमा और तीन वर्ष में डिग्री दी जाएगी। जबकि चौथे वर्ष में छात्रों को बीसीए ऑनर्स और बीसीए ऑनर्स विद रिसर्च चुनने का विकल्‍प मिलेगा। साथ ही खास ट्रेनिंग का भी मौका मिलेगा। विवि के शिक्षकों का कहना है कि इस बदलाव से छात्रों को दुनिया में तेजी से उभरते नए क्षेत्रों में खुद को प्रशिक्षित करने का मौका मिलेगा। इस नई व्‍यवस्‍था में छात्र एआई, मशीन लर्निंग और डाटा साइंस की बारीकियां भी सीख सकेंगे। प्रांतीय अशासकीय महाविद्यालय संघ के महासचिव प्रो.
प्रशांत सिंह ने बताया कि इलेक्टिव कोर्स में छात्रों को डाटा एनालिटिक्‍स, डाटा विजुअलाइजेशन, डाटा साई, टाइम सीरीज एनालिसिस, मशीन लर्निंग, बिग डाटा एनालिसिस, बिजनेस इंटेलीजेंस एंड एनालिक्सि, डाटा माइनिंग एंड वेयर हाउसिंग, डाटा सिक्‍योरिटी एंड प्राइवेसी, न्‍यूट्रल लैंग्‍वेज प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग फॉर कम्‍प्‍यूटर विजन, स्‍पीच रिकॉग्निशन जैसे विषय भी पढ़ने को मिलेंगे। इसके अलावा छात्रों को इन कोर्सों में समर इंटर्नशिप अनिवार्य होगी।