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September 2, 2026

युवाओं को प्रोत्‍साहित कर उद्यमी बनाने पर जोर

 

– लघु उद्योग भारती की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित, चुनाव संपन्न

– पहाड़ों का संरक्षण, छोटे उद्योगों को देना होगा बढ़ावा : शैलेन्‍द्र

देहरादून। स्‍वदेशी को बढ़ावा देकर भारत को विकसित और समृद्ध राष्‍ट्र बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को आगे आकर स्‍वरोजगार अपनाने पर ध्‍यान देना होगा। वर्तमान में विश्‍व में बड़े बदलाव आ रहे हैं। भारत एक बड़ा बाजार भी है। तकनीकी के इस युग में नई औद्योगिक क्रांति भारतीय युवाओं के लिए अनेक अवसर पैदा कर रही है। यह बातें लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश ने कही।

वह गुरुवार को टर्नर रोड स्थित अशोका रिसॉर्ट में आयोजित उद्यमियों के सबसे बड़े संगठन लघु उद्योग भारती की प्रदेश कार्यकारिणी की वार्षिक बैठक में बतौर मुख्‍य वक्‍ता संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि भारत में हजारों वर्षों से पारिवारिक धंधों के रूप में लघु उद्योग घर-घर में होते थे। हमारे गांवों की व्‍यवस्‍था ऐसी थी कि करीब 90 प्रतिशत आवश्‍यकताओं का सामान गांवों में ही उपलब्‍ध हो जाता था, लेकिन अंग्रेजों ने इस व्‍यवस्‍था को छिन्‍न-भिन्‍न कर दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि गांवों में छोटे उद्योग बंद होते गए और ग्रामीण बेरोजगार होकर पलायन करने को मजबूर हो गए। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती छोटे उद्योगों को एकजुट कर भारत को विकसित बनाने के उद्देश्‍य से स्‍वदेशी को बढ़ावा देकर बेरोजगारी और पलायन की समस्‍या को खत्‍म करने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान में संगठन के देशभर में 57 हजार सदस्य हैं।

मुख्‍य अतिथि राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. शैलेन्‍द्र ने कहा कि पहाड़ों का संरक्षक करते हुए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। विशेषकर धार्मिक उत्‍पादों पर ध्‍यान देना होगा। कहा कि केवल हरिद्वार में कांवड़ की बात करें तो यह अकेला ही 100 करोड़ से अधिक का कारोबार है। इसी तरह सनातनी लोग फूल, प्रसाद, माला, धूप, दीपक जैसे उत्पाद भी बनाने पर ध्यान दें। उद्योगों के साथ ही पर्यावरण का ध्यान रखना होगा। संगठन के संरक्षक कैलाश मैलाना ने भी विचार रखे। इस दौरान धराली आपदा पीड़ितों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई।