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August 31, 2026

नई खेल नीति में विशेष श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रार्थना: रेखा आर्या

 

खेल मंत्री ने हिमाद्री आइस रिंक में ‘स्पेशल ओलंपिक भारत नेशनल चैंपियनशिप फिगर एंड स्पीड स्केटिंग’ का भव्य उद्घाटन किया

देहरादून, 11 जुलाई। उत्तराखंड सरकार विशेष श्रेणी (स्पेशल कैटेगरी) के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हर संभव मंच प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश की नई खेल नीति में इन स्पेशल कैटेगरी के खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष और ऐतिहासिक प्रावधान शामिल किए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण घोषणा शनिवार को सूबे की खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने देहरादून के हिमाद्री आइस रिंक में आयोजित ‘स्पेशल ओलंपिक भारत नेशनल चैंपियनशिप फिगर एंड स्पीड स्केटिंग’ के भव्य उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए की।

उत्तराखंड सरकार विशेष श्रेणी (स्पेशल क्लास) के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ा रही है और उन्हें पूरी तरह से अत्याधुनिक बनाने के लिए हर संभव मंच प्रदान कर रही है। प्रदेश की नई खेल नीति में इन विशेष श्रेणी के खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष और ऐतिहासिक प्रोविजन शामिल होंगे। यह महत्वपूर्ण घोषणा शनिवार को सेंचुरी की खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने मेमोरियल ओलंपिक्स के हिमाद्रि आइस रिंक में आयोजित ‘स्पेशल ओलम्पिक भारत नेशनल ग्राही चैंपियनशिप और स्पीड स्केटिंग’ के भव्य उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में की।

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न कोनों से आए विशेष श्रेणी के खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। चैंपियनशिप में लगभग 11 राज्यों से आए 100 से अधिक होनहार खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान खेल मंत्री ने सभी खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उन्होंने कहा कि इन विशेष श्रेणी के बच्चों और खिलाड़ियों के हौसले और जज्बे को सलाम है, जो तमाम विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद खेल के मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरे हैं।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विशेष श्रेणी के खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियां सामान्य खिलाड़ियों की तुलना में कहीं अधिक बड़ी और जटिल होती हैं। शारीरिक और मानसिक बाधाओं को पार कर इस मुकाम तक पहुँचना ही अपने आप में एक बड़ी जीत है। इसलिए, इन खिलाड़ियों को समाज और व्यवस्था से विशेष संरक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएं और अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलने की अत्यंत आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर अधिकांश राज्यों की खेल नीतियों में विशेष श्रेणी के बच्चों के लिए अलग से कोई ठोस नीति या प्रावधान शामिल नहीं किए जाते हैं, लेकिन उत्तराखंड अब इस परिपाटी को बदलेगा और एक नई मिसाल पेश करेगा। हमारी नई खेल नीति में इन बच्चों के कल्याण, विशेष ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता के लिए एक मजबूत खाका तैयार किया जा रहा है।

खेल मंत्री ने कहा कि आज हिमाद्री आइस रिंक के मंच पर जो खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का जौहर दिखा रहे हैं, वे केवल इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक ही सीमित नहीं रहने वाले हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि यहाँ से जीत का परचम लहराकर यही विशेष खिलाड़ी वर्ष 2029 में होने वाले स्पेशल प्लेयर्स ओलंपिक (Special Olympics World Games) में भी देश और प्रदेश का नाम वैश्विक पटल पर गौरव से रोशन करेंगे। सरकार उनके इस सफर में हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी और उनकी तैयारियों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस गरिमामयी उद्घाटन अवसर पर भाजपा की प्रदेश मंत्री दीप्ति रावत, इंडियन आइस स्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, स्पेशल ओलंपिक भारत के क्षेत्रीय निदेशक डीबीएस रावत, बोर्ड मेंबर राजेश्वर सहित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी और विभिन्न राज्यों से आए कोच व अभिभावक भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।