अब बागवान घर बैठे बेच सकेंगे सेब
हिमाचल सरकार ने बागवानों को प्रदान की डिजिटल सुविधा, सीधे खाते में आएगा भुगतान
शिमला। अब हिमाचल प्रदेश के बागवान घर बैठे अपने सेब बेच सकेंगे। सरकार ने बागवानों को डिजिटल सुविधा प्रदान करते हुए नए ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल की शुरूआत कर दी है। इस व्यवस्था के तहत बागवान मोबाइल ऐप के माध्यम से पहले अपना पंजीकरण करेंगे उसके बाद सेब बेच सकेंगे। भुगतान भी सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए प्राप्त होगा।
उद्यान विकास अधिकारी रामपुर मंडल डॉ. प्रवीण मेहता ने बताया कि पंजीकरण के लिए बागवानों को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम-मंडी मध्यस्थता योजना ऐप (HPMC-MIS APP) डाउनलोड कर आधार से लिंक मोबाइल नंबर के ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करना होगा। इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, भूमि का विवरण और बैंक खाते की जानकारी भी भरनी होगी। जिसके बाद आपका पंजीकरण पूरा होगा। नई व्यवस्था की खास बात यह है कि यदि कोई बागवान स्वयं एमआईएस केंद्र पर सेब बेचने नहीं जा सकता, तो वह आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन के जरिए किसी विश्वसनीय व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है। अधिकृत व्यक्ति बागवान की ओर से एमआईएस केंद्र में सेब बेच सकेगा।
बिना पंजीकरण नहीं होगी खरीद
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण एमआईएस के तहत सेब की खरीद नहीं होगी। केवल निर्धारित गुणवत्ता के C-ग्रेड सेब ही खरीदे जाएंगे और सेब केवल अधिकृत एमआईएस और एसीसी केंद्रों पर ही स्वीकार किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और डिजिटल बनाना है, ताकि बागवानों को समय पर भुगतान मिले और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
