Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

August 31, 2026

अमेरिका-ईरान युद्ध से रिसाइकलिंग उद्योग को मुनाफा

मिस्र की राजधानी काहिरा की भूलभुलैया जैसी गलियों में स्थित कचरा शहर में बढ़ी कच्चे माल की मांग

काहिरा। अमेरिका-ईरान युद्ध से पूरा विश्‍व परेशान है। तेल और गैस की भारी किल्‍लत के चलते तमाम देशों की अर्थव्‍यवस्‍था डगमगा रही है। संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में भारी कमी आने से कारखाने प्लास्टिक के लिए तरस रहे हैं। दूसरी तरफ, मिस्र का रिसाइकलिंग उद्योग इस युद्ध से भारी मुनाफे में है।
मिस्र की राजधानी काहिरा की भूलभुलैया जैसी गलियों में स्थित ‘गार्बेज सिटी’ (कचरा शहर) में रिसाइकिलिंग विशेषज्ञ पीटर रोमनी के पास इन दिनों फैक्ट्रियों के लगातार फोन आ रहे हैं। जब से होर्मुज बंद हुआ है, तब से मिस्र भर के सैकड़ों रिसाइकलर्स और निर्माताओं को प्लास्टिक की इस बढ़ी हुई मांग का सीधा लाभ मिल रहा है, जो प्लास्टिक बनाने वाले कच्चे माल के लिए एक प्रमुख शिपिंग मार्ग है। इस अप्रत्याशित उछाल के केंद्र में पूर्वी काहिरा का एक विशाल इलाका मनशियत नासर है। यहां कचरा बीनने वालों की कई पीढ़ियों ने मिलकर दुनिया के सबसे उन्नत और परिष्कृत अनौपचारिक रिसाइकिलिंग प्रणालियों में से एक का निर्माण किया है। 25 वर्षीय रोमनी कंप्रेस्ड प्लास्टिक के बड़े ढेरों के पास खड़े होकर बताते हैं कि युद्ध से पहले हम कारखानों को फोन करते थे और अपना माल बेचने की कोशिश करते थे। लेकिन युद्ध छिड़ने के बाद से फैक्ट्रियां हमें फोन करने लगी हैं। वे पूछती हैं कि आपके पास कितना माल है? क्या आप आज ही डिलीवरी कर सकते हैं? ऐसा पहले कभी नहीं होता था।

कचरे के बीच रहने को मजबूर सैकंडों परिवार
मोकट्टम पहाड़ी के ठीक नीचे स्थित और काहिरा के ऐतिहासिक सिटाडेल के सामने बसा ‘मनशियत नासर’ मुख्य रूप से कॉप्टिक ईसाई बहुल इलाका है, जहां 115,000 से अधिक लोग निवास करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह बस्ती राजधानी के एक तिहाई से अधिक कचरे का प्रबंधन करती है। यहाँ परिवार एक ही छत के नीचे रहते और काम करते हैं। अक्सर उनकी रहने की जगह और कचरे के पहाड़ों के बीच सिर्फ एक सीढ़ी या पर्दे का फासला होता है, जिससे वे लगातार दुर्गंध, जहरीले धुएं और स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर जोखिमों का सामना करते हैं। घरों के निचले हिस्से में पुरुष प्लास्टिक, कार्डबोर्ड, कागज, धातु और कांच को अलग-अलग ढेरों में छांटते हैं ताकि उन्हें कारखानों में भेजा जा सके। वहीं, ऊपरी मंजिल की तंग जगहों पर बच्चे पढ़ाई करते हैं, महिलाएं खाना बनाती हैं और टीवी चलता रहता है। इन सबके बीच, नीचे चलने वाली श्रेडर और बेलिंग प्रेस मशीनों का शोर लगातार गूंजता रहता है। अब यह पूरा इलाका एक सुचारू रूप से चलने वाली मशीन बन चुका है, जिसे हजारों किलोमीटर दूर हो रहे एक युद्ध ने और भी तेज कर दिया है।

कीमतों में भारी उछाल
रोमनी मुख्य रूप से रिसाइकिल की गई पॉलीथीन का काम करते हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक में से एक है और पैकेजिंग का प्रमुख हिस्सा है। मूल्य निर्धारण एजेंसी इंडिपेंडेंट कमोडिटी इंटेलिजेंस सर्विसेज के अनुसार, मध्य पूर्व पॉलीथीन का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, और इसका लगभग 85% निर्यात इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। चैंबर ऑफ केमिकल इंडस्ट्रीज के मुताबिक, मिस्र अपने कच्चे प्लास्टिक का लगभग 40% हिस्सा खाड़ी देशों, यूरोप, चीन और दक्षिण कोरिया से आयात करता है। उद्योग से जुड़े तीन सूत्रों का कहना है कि संकट के बाद कुछ पैकेजिंग और प्लास्टिक उत्पादों की कीमतें अब दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं।

स्थानीय व्यवसायों के लिए खुले अंतरराष्ट्रीय दरवाजे
सप्लाई चेन में आई इस बाधा ने पूरी वैल्यू चेन में स्थानीय व्यवसायों को फलने-फूलने का मौका दिया है। पुरानी प्लास्टिक की बोतलों से पॉलिएस्टर फाइबर बनाने वाली ‘सादात सिटी  केमिकल फाइबर फैक्ट्री’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैरोज अल-सैयद ने कहा कि हम 16 साल से इस व्यवसाय में हैं, लेकिन इस हालिया संकट के बाद ही हम ब्राजील जैसे दूरस्थ नए बाजारों में अपनी पैठ बनाने में कामयाब हुए हैं। वहीं, प्लास्टिक कचरे को नई पैकेजिंग सामग्री में बदलने वाली कंपनी यूफ्लेक्स इजिप्ट की वरिष्ठ विपणन प्रबंधक नेस्मा अल-अरीफ ने बताया कि कंपनी के रिसाइकिल किए गए उत्पादों की मांग में 40% तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

भविष्य की अनिश्चितता और बाजार का उतार-चढ़ाव
इन बड़े फायदों के बावजूद, उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि आपूर्ति मार्ग स्थिर होने पर यह तेजी कम हो सकती है। यूसुफ नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले महीने जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यह घोषणा की थी कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हो रही है, तब कीमतों और मांग में थोड़ी नरमी आना शुरू हो गई थी। हालांकि, इस सप्ताह दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष भड़कने के बाद, कारखानों के ऑर्डर्स में एक बार फिर से तेजी आ गई है।