कांवड़ यात्रा : देहरादून और हरिद्वार के लिए ट्रैफिक प्लान जारी
30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा 11 अगस्त को होगी संपन्न
देहरादून। 30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के लिए शासन प्रशासन ने कमर कस ली है। इस दौरान देहरादून और हरिद्वार के लिए स्थानीय अधिकारियों ने रूट प्लान जारी कर दिया है।
देहरादून शहर को भीषण ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत कांवड़ियों के भारी वाहनों को देहरादून शहर की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं रहेगी। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यात्रा को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को जाम से राहत दिलाना है। यातायात पुलिस के रूट प्लान के अनुसार, पांवटा साहिब की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को धर्मावाला से ही वैकल्पिक मार्गों पर भेज दिया जाएगा। इसी तरह, दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के रास्ते आने वाले वाहनों को शहर की सीमा से पहले ही यू-टर्न कराकर वापस मोड़ा जाएगा, ताकि शहर के मुख्य चौराहों और अंदरूनी मार्गों पर वाहनों का दबाव न बढ़े।
कांवड़ यात्रियों के सही मार्गदर्शन के लिए निर्धारित डायवर्जन मार्गों पर बड़े दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, देहरादून की सभी सीमाओं, बैरियरों, चेकिंग पोस्टों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिसबल तैनात रहेगा, जो हर कांवड़ वाहन की कड़ाई से निगरानी करेगा। इस पूरे ट्रैफिक प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय सिविल पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों और कांवड़ यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
उधर, कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और आसपास के मुख्य मार्गों पर 30 जुलाई से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगनहर पटरी मार्ग पर सभी प्रकार के आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। इस हाईवे और पटरी मार्ग को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
30 जुलाई से दिल्ली-हरिद्वार और मेरठ-मुजफ्फरनगर हाईवे पर भारी वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है। 4 अगस्त से 12 अगस्त तक मुख्य मार्गों पर आम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सामान्य यातायात को वैकल्पिक और डायवर्ट किए गए रास्तों जैसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और अन्य निर्धारित स्थानीय लिंक मार्गों से भेजा जाएगा। शिवभक्तों के लिए तय पारंपरिक कांवड़ पटरी और हाईवे की एक निश्चित लेन ही आरक्षित रहेगी। गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी।
