ऋषिकेश का रामझूला पांच माह के लिए बंद
ऋषिकेश। ऋषिकेश का रामझूला मरम्मत कार्य के लिए पांच माह के लिए अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है। दिसंबर 2026 तक इस झूले पर किसी भी प्रकार की आवाजाही नहीं होगी। पहले इसे दो पहिया वाहनों के लिए बंद किया गया था। लेकिन, झूले की जर्जर हालत को देखते हुए प्रशासन ने इस पर मानवीय चहल पहल और गतिविधियां भी प्रतिबंधित कर दी है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, गंगा के भीतर इस पुल के 20 पायों (पाइलों) और 440 सस्पेंडर्स वायर को बदलने का कार्य किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को दोबारा खोलना है। वर्ष 1985 में निर्मित 220 मीटर लंबे और 3 मीटर चौड़े इस ऐतिहासिक सस्पेंशन पुल से मुनिकी रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र जुड़े हुए हैं। इस पुल पर दोपहिया वाहनों का संचालन मुख्य रूप से 17 अगस्त 2023 को भारी बारिश और गंगा में आए उफान के कारण सहायक तार टूटने और दरारें आने के बाद पूरी तरह बंद कर दिया था, हालांकि इससे पहले जुलाई 2019 में भी कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए दो पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। गंगा के बढ़ते जलस्तर से सपोर्टिंग वायर और फाउंडेशन को नुकसान पूर्व जुलाई 2019 में भी सुरक्षा कारणों से एक दिन के लिए दोपहिया वाहन रोके गए थे।
लोनिवि नरेंद्र नगर के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि रामझूला पुल को मरम्मत के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। दिसंबर 2026 तक मरम्मत कार्य पूर्ण कर इसे दोबारा खोल दिया जाएगा।
लक्ष्मणझूला बंद होने के बाद बढ़ गया था दबाव
टिहरी और पौड़ी जनपद सीमा को जोड़ने वाले करीब 92 साल पुराना लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा की दृष्टि से 13 जुलाई 2019 को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। लक्ष्मणझूला बंद होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को करीब दो से चार किमी पहले रामझूला और जानकीसेतु से आवाजाही करनी पड़ रही है।
