क्या नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफ का ब्याज मिलना बंद हो जाता है ?
चली गई नौकरी, तो अब पीएफ के पैसों का क्या होगा? जानिए आपके लिए क्या -क्या बदला
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय द्वारा ईपीएफ वेतन सीमा को मौजूदा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद एक और जरूरी खबर सामने आई है। आजकल कई युवा आगे की पढ़ाई, परिवार की जिम्मेदारी या हेल्थ कारणों से अपनी नौकरी के बीच में 1 से 2 साल का करियर ब्रेक ले रहे हैं। कुछ मामलों में नौकरी छूटने के कारण भी लोगों को ब्रेक लेना पड़ता है। लेकिन ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आपके ईपीएफ खाते में जमा पैसों का क्या होता है?
55 साल या उसके बाद कोई नौकरी छोड़ता है, तो अधिकतम 3 साल तक ब्याज मिलेगा
सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि नौकरी छोड़ते ही पीएफ पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। ईपीएफओ के नए नियमों के अनुसार, अगर आपने नौकरी छोड़ दी है, तब भी 58 साल की उम्र तक आपके ईपीएफ खाते में जमा रकम पर लगातार ब्याज मिलता रहेगा। लेकिन इसमें सबसे बड़ा कैच यह है कि अगर कोई व्यक्ति 55 साल या उसके बाद अपनी नौकरी छोड़ता है, तो उसे अधिकतम 3 साल तक ही ब्याज दिया जाएगा। इसके बाद खाता निष्क्रिय मान लिया जाएगा और उस पर आगे ब्याज नहीं मिलेगा।
करियर ब्रेक के बाद क्या होता है?
अगर आप बेरोजगार या करियर ब्रेक के दौरान पैसा निकालना चाहते हैं, तो 2026 के नए नियमों को समझ लें:
1. नौकरी छूटने के तुरंत बाद कर्मचारी अब अपने ईपीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकते हैं।
2. बाकी बची 25% रकम आप तभी निकाल सकते हैं जब आप लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहें।
3. सबसे अच्छी बात यह है कि अब इस निकासी रकम में आपका योगदान, आपकी कंपनी का योगदान और उस पर मिला ब्याज, सब कुछ शामिल होता है।
क्या बदला?
आपको बता दें कि कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईपीएफ के तहत अनिवार्य वेतन सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह नया बदलाव अभी आधिकारिक तौर पर लागू नहीं हुआ है। इसे पूरी तरह से लागू करने के लिए अभी केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
