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August 30, 2026

हिमाचल में लॉटरी के नियम तैयार, एक लाख से पांच करोड़ रुपये तक इनाम राशि रखने का प्रस्ताव; कितने की मिलेगी टिकट?

 

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार अब लॉटरी से खजाना भरने की तैयारी में है। करीब 27 साल बाद प्रदेश में फिर से लॉटरी शुरू करने के नियम तैयार कर लिए हैं। वित्त विभाग ने ऑनलाइन और ऑफलाइन लॉटरी चलाने का ड्राफ्ट बनाया है। दूसरी बार लॉटरी से जुड़ा प्रस्ताव मंत्रिमंडल बैठक में जाएगा। नियमों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अंतिम फैसला मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू करेंगे कि लॉटरी का प्रारूप कैसा होगा।

सरकार को उम्मीद है कि लाटरी से सालाना 100 करोड़ रुपये तक का राजस्व मिलेगा। पंजाब, सिक्किम और केरल पहले से लाटरी से कमाई कर रहे हैं।

तीन महीने में पहला ड्रा निकालने का लक्ष्य
हिमाचल में 1998 में तत्कालीन धूमल सरकार ने घोटालों और सामाजिक बुराई का हवाला देकर लाटरी पर रोक लगा दी थी। इसी हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक में लाटरी नियमों का एजेंडा आ सकता है। मंजूरी मिलते ही 60 दिन में आपरेटर चुनकर तीन महीने में पहला ड्रा निकालने का लक्ष्य है।

दोनों तरह के टिकट होंगे, युवा बनेंगे एजेंट
दो विकल्प आफलाइन पेपर लॉटरी के साथ मोबाइल एप और वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट भी बिकेंगे। बेरोजगार युवाओं को एजेंट बनाकर कमीशन दी जाएगी। एकत्र होने वाले राजस्व का एक हिस्सा नशा निवारण कोष और खेल गतिविधियों पर खर्च होगा।
टिकट की कीमत व लॉटरी का साइज
वित्त विभाग ने ड्राफ्ट में साप्ताहिक, मासिक और बंपर ड्रा तीनों का विकल्प रखा है। टिकट की कीमत 10 से 500 रुपये तक हो सकती है। इनाम की राशि एक लाख से पांच करोड़ तक रखने का प्रस्ताव है, लेकिन लाटरी का साइज, ड्रा की फ्रीक्वेंसी और टिकट दर पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री लगाएंगे। कैबिनेट मंजूरी के बाद नियम अधिसूचित होंगे और फिर आपरेटर चुनने के लिए टेंडर निकाला जाएगा।